उत्तराखंड में अलकनंदा का कहर बढ़ता जा रहा है। यह हमें 2013 के विकराल रूप की याद दिला रही है। श्रीनगर से थोड़ा ऊपर बद्रीनाथ हाईवे पानी में डूबा हुआ है। उत्तराखंड की रक्षक धारी देवी के दर्शन ऐसे हो रहे हैं कि मन में आस्था और अनिष्ट की भावनाएँ उमड़ रही हैं। अलकनंदा धारी देवी से मिलने को आतुर दिख रही हैं। पानी धारी माता मंदिर के चबूतरे को छू रहा है। लहरें उछल रही हैं। अलकनंदा के प्रचंड वेग में धारी देवी अडिग खड़ी दिखाई दे रही हैं। अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है। धारी देवी के नीचे, अलकनंदा एक बाँध द्वारा अवरुद्ध है। इसका जलस्तर बढ़ रहा है। सिरोभगढ़ के पास मिनी गोवा बीच पर अलकनंदा नदी का पानी सड़क पर आ गया है। वाहनों की आवाजाही बंद है। ऐसा दृश्य 2013 की आपदा के बाद देखने को मिल रहा है।
अब और तबगूगल अर्थ पर धारी देवी मंदिर ऐसा दिखता है। दूसरी तस्वीर आज अलकनंदा की है, जिसका पानी धारी देवी मंदिर तक पहुँचता हुआ दिखाई दे रहा है।
धारी देवी मंदिर तक पहुँचता अलकनंदा का पानीरुद्रप्रयाग में बाढ़-बारिश का कहर, मां धारी देवी मंदिर तक आया अलकनंदा नदी का पानी#Rudraprayag | #AlakanandaRiver pic.twitter.com/sV2OLYbITU
— NDTV India (@ndtvindia) August 29, 2025
पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी राज्यों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है। इसका सीधा असर श्रीनगर और आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहाँ नदी के किनारे बने घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। साथ ही, नदी का पानी अब प्रसिद्ध धार्मिक स्थल धारी देवी तक जाने वाले संपर्क मार्ग तक पहुँच गया है, जिससे यातायात में भारी दिक्कतें आ रही हैं। धारी देवी मंदिर का इतिहास पौराणिक कथाओं पर आधारित है, जिसके अनुसार द्वापर युग की देवी की मूर्ति अलकनंदा नदी में आई बाढ़ के कारण बह गई थी और धारी गाँव के पास एक चट्टान से टकराकर अटक गई थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने वहाँ एक मंदिर बनवाया। उन्हें उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है, जो दिन में तीन बार अपना रूप बदलती हैं। 2013 की बाढ़ के बाद, मंदिर को क्रेन से उठाकर फिर से बनाया गया था।
सिंचाई विभाग द्वारा आज सुबह 8 बजे जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अलकनंदा नदी का जलस्तर 535.80 मीटर तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान से मात्र एक इंच नीचे है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि इसी गति से बारिश जारी रही, तो जलस्तर और बढ़ सकता है।
...तो श्रीनगर के आस-पास के गाँवों में बाढ़ आ जाएगी!स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। ज़िला प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया गया है, और स्थानीय पुलिस व आपदा प्रबंधन दल भी अलर्ट पर हैं। इसके अलावा, अलकनंदा नदी पर स्थित श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल प्रवाह इसी प्रकार जारी रहा, तो श्रीनगर सहित आस-पास के गाँवों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय लोगों, खासकर जिनके घर या व्यवसाय नदी के पास स्थित हैं, में भय और चिंता का माहौल है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश की आशंका जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें और सुरक्षित स्थानों पर रहने का प्रयास करें।
You may also like
अनौपचारिक वनडे : साउथ अफ्रीका-ए की जीत, न्यूजीलैंड-ए को 3 विकेट से हराया
जुगाड़ का भी बाप निकला युवक, सिर्फ लकड़ी जला बिना पेट्रोल के दौड़ाई बाइक, देखें Video`
WazirX सिंगापुर से भागा, पनामा में खोला नया 'दफ्तर'! क्या अब यूजर्स का पैसा कभी वापस नहीं मिलेगा?
एक दांत की कीमत 17 लाख, फिर भी नहीं बेच रही है ये अमेरिकी लड़की, जानें क्यों है इतना महंगा`
एशिया कप 2025 के लिए टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन